राजभाषा क्रियान्वयन समिति का गठन 1976 में राजभाषा अधिनियम, 1963 के तहत किया गया था। इस समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य देश के राजकाज की भाषा को निर्धारित कर उसके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिकों की अपनी भाषा में सरकारी कामकाज तक पहुँच हो, विशेषकर क्षेत्रों को अधिकाधिक महत्व दिया जाए।
| नाम | भूमिका |
|---|---|
| प्रोफेसर वंदना बत्रा | संयोजक |
| डॉ मनु कटारिया | सदस्य |
| डॉ शिखा श्रीवास्तव | सदस्य |
| डॉ संपत सिंह | सदस्य |
| डॉ श्वेता दुआ | सदस्य |
| डॉ अनिल बराक | सदस्य |
| सुश्री ईरा शर्मा | विशेष आमंत्रित |
भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ़ अप्लाइड साइंसिज़, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग एवं राजभाषा कार्यान्वयन समिति के संयुक्त तत्वावधान मे हिन्दी दिवस के उपलक्ष मे दिनांक 12 सितंबर 2025 को “राजभाषा हिंदी की प्रासंगिकता एवं महत्व” विषय पर संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि भाषा विशेषज्ञ ITBP के कमांडेंट राष्ट्रीय संपर्क अधिकारी श्रीमान कमलेश कमल जी एवं विशिष्ट अतिथि IAS डाॅ.पवन कुमार जी प्रजापत, DANICS कैडर की उपस्थिति रही। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत हुई। वक्ताओ ने राजभाषा हिन्दी के बारे मे विस्तार से बताया। हिन्दी को बढावा देने की बात कही। भारतीय शिक्षा प्रणाली मे हिन्दी भाषा के महत्व के बारे मे बताया। हिन्दी हमारे व्यवहार मे कैसे आये इस पर भी काफी चर्चा की। पूर्व मे हिन्दी दिवस के उपलक्ष मे स्वरचित रचना लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रथम पांच स्थान प्राप्त बच्चो को अतिथियो के हाथो से पुरस्कार भी दिलवाया गया। यह कार्यक्रम राजभाषा हिंदी की महत्ता को बेहद सिद्ध करता है।